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पंतजलि यकृतामृत (लिवर टॉनिक) (Patanjali Yakritamrit)
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कालमेघ, भूमि आंवला, कासनी, दारुहल्दी, कुटकी इत्यादि महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों का लीवर टॉनिक के रूप में श्रेष्ठ मिश्रण।
- पशु के शरीर में विभिन्न माध्यम (एंटीबायोटिक्स, रसायन, दूषित आहार इत्यादि) के दुष्प्रभाव को समाप्त कर लीवर को क्रियाशील बनाता है।
- पशुओं को दी जाने वाली कृमिनाशक औषधियों के दुष्परिणाम (साइड इफेक्ट्स) को रोकने में मदद करता है।
- पशुओं में भूख एवं पाचन शक्ति को बढ़ाकर मेटाबॉलिक रेट बढाता है।
- यकृत (लीवर) को स्वस्थ एवं क्रियाशील रखता है, जिससे रोजमर्रा में होने वाली विषाक्तता के दुष्प्रभाव को रोकता है।
- यकृतामृत पशु आहार में दिये गये वसा को पचाकर दूध में फैट की मात्रा बढ़ाने में सहायक है।
पिलाने की मात्रा
- बड़े पशु को 100 मिली. प्रतिदिन कम से कम 20 दिन तक दें।
- छोटे पशु को 30-50 मिली. प्रतिदिन कम से कम 20 दिन तक दें।
- अथवा पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार प्रयोग करें।
पैकिंग
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