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पंतजलि थनेला-निल (Patanjali Thanela-Nil)
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थनेला रोग में उपयोगी जड़ी-बूटियों, सूजन अवरोधक, एंजाइम्स युक्त पावडर।
- थनेला (मेस्टाइटिस) रोग की प्रारम्भिक स्थिति में रोकथाम करने में उपयोगी।
- थनेला रोग के उपचार हेतु थनेला निल के साथ में अडर शक्ति का संयोग श्रेष्ठ रहता है।
- थनों की सूजन तथा दर्द निवारण करने में सहायक है।
- थनेला रोग के अन्य उपचार के साथ इसका उपयोग करने से इस रोग से तुरन्त मुक्ति दिलाने में मुख्य भूमिका निभाता है।
- थनेला रोग के उपरान्त निरन्तर 10 दिन उपयोग करने पर रोग की पुनरावृत्ति को रोकने में उपयोगी है।
- प्रसव से एक सप्ताह पूर्व थनेला निल खिलाने से थनैला रोग होने की सम्भावनायें न्यून हो जाती है।
खुराक
- बड़े पशु 50 ग्राम दिन में 2 बार 8-10 दिन तक दें।
- छोटे पशु 10-20 ग्राम दिन में 2 बार 8-10 दिन तक दें।
- (सूजन की स्थिति में टाइटिस क्योर मरहम का प्रयोग करें।)
पैकिंग
- 200 एवं 500 ग्राम पाउडर में उपलब्ध।
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